अनुभव अनुभव का हिस्सा कैसे लिखें
ढांचा सीधा है: संस्था का नाम और प्रकार, post, समय, शहर, फिर काम और उसका नतीजा. हर जगह के लिए बताएं कि collection कितना बड़ा था, कितने सदस्य, रोज कितने issue, कौन सा software और आपने क्या बदला या सुधारा.
आम गलती यह है कि लाइब्रेरियन अपना अनुभव रोजमर्रा के कामों की सूची बना देता है. उसकी जगह वह काम ऊपर रखें जो आपने शुरू किया या सुधारा - automation, stock verification, e-resource की training, reading club, या खोई किताबों का नुकसान घटाना.
कमजोर- किताब issue करना
- किताब वापस लेना
- library की सफाई और व्यवस्था
मजबूत- 14000 किताब, 22 पत्रिका और 900 सदस्य वाली library की पूरी जिम्मेदारी
- Manual register से Koha पर पूरा automation, 9 महीने में 14000 किताबों की data entry
- रोज औसतन 120 issue और return, overdue की SMS व्यवस्था से देर से लौटने वाली किताबें काफी कम
- N-LIST के e-resource की training, student का इस्तेमाल एक साल में दोगुना
- हर साल stock verification, खोई किताबों की संख्या 40 से घटकर 11
क्या लिखना है
संस्था का प्रकार - post - collection का आकार - सदस्य - रोज के issue - software और classification - automation - digital resource - stock verification
Experience को result के साथ कैसे लिखें