ट्यूशन टीचर रिज्यूमे 2026 - home और batch tuition, board syllabus और result दिखाने वाला तैयार सैंपल बिल्कुल मुफ्त

Антон Литвинов
प्रकाशित: 25.09.2026 अपडेट किया गया: 25.09.2026

ट्यूशन टीचर का रिज्यूमे स्कूल के टीचर के रिज्यूमे से अलग होता है. स्कूल में degree और TET सबसे ऊपर हैं, यहां सबसे ऊपर नतीजा है - आपके पढ़ाए बच्चों के अंक कितने बढ़े. अभिभावक या coaching का मालिक चार बातें देखता है: आप कौन सा विषय और कौन सी कक्षा पढ़ाते हैं, किस board का syllabus - CBSE, ICSE या राज्य board, आपके पुराने बच्चों का result क्या रहा, और आपका समय व batch का ढांचा कैसा है. नीचे ट्यूशन टीचर का पूरा सैंपल रिज्यूमे मिलेगा.

इस पेज पर क्या मिलेगा

  • ट्यूशन टीचर का तैयार सैंपल रिज्यूमे - विषय, कक्षा, board और result के साथ
  • 3 PDF template - classic, modern और ATS friendly
  • बच्चों के अंकों में सुधार और batch के आंकड़े रिज्यूमे में कैसे लिखें
  • 6 सबसे आम गलतियां, जिनकी वजह से अभिभावक आगे नहीं बढ़ते
रिज्यूमे बनाएं → 5 मिनट - AI सुझाव - ATS friendly format
तैयार सैंपल

ट्यूशन टीचर का सैंपल रिज्यूमे

यह सैंपल तीन तरह की जरूरतों के हिसाब से लिखा गया है: घर जाकर पढ़ाने वाला home tuition, अपने या coaching के यहां चलने वाला batch tuition, और online tuition app या video call से पढ़ाना. ढांचा एक ही रहता है, जोर अलग होता है - home tuition में एक बच्चे पर ध्यान और अभिभावक से भरोसा, batch में एक साथ कई बच्चों का result, online में तकनीक और समय की पाबंदी.

विषय, कक्षा और board साथ लिखें

"tuition पढ़ाता हूं" से कुछ पता नहीं चलता. "कक्षा 9 से 12 तक गणित और भौतिकी, CBSE और मध्य प्रदेश board" पढ़ते ही अभिभावक को पता चल जाता है कि आप उनके बच्चे के काम के हैं या नहीं.

Result को संख्या में दिखाएं

इस काम की पूरी साख नतीजे पर है. "पिछले साल 18 में से 14 बच्चों के गणित में 80 से ऊपर अंक" या "कमजोर बच्चे को 3 महीने में 42 से 71 प्रतिशत तक" - यही सबसे भारी लाइन है.

Batch का ढांचा बताएं

कितने बच्चे एक batch में, हफ्ते में कितने दिन, कितने घंटे, test कब होते हैं - यह सब लिखें. अभिभावक जानना चाहता है कि उसके बच्चे को कितना समय मिलेगा.

Online पढ़ाने की क्षमता लिखें

Zoom या Google Meet, digital writing pad, PDF notes और WhatsApp पर doubt - इनका जिक्र आपको उन अभिभावकों तक पहुंचाता है जो दूसरे शहर या विदेश से बच्चे के लिए टीचर ढूंढ रहे हैं.

रिज्यूमे नमूने का टेक्स्ट

इसे संदर्भ की तरह लें: ढांचा और भाषा वही रखें, अपने तथ्य और आंकड़े भरें।

संदीप चौरसिया

ट्यूशन टीचर - गणित और भौतिकी
जबलपुर
sandeep.chourasia@example.com
+91 90000 00000

प्रोफाइल

5 साल से ट्यूशन पढ़ा रहा हूं, जबलपुर. कक्षा 9 से 12 तक गणित और भौतिकी, CBSE और मध्य प्रदेश board का syllabus. अब तक 90 से ज्यादा बच्चे पढ़ाए, पिछले साल 18 में से 14 के गणित में 80 से ऊपर अंक. हफ्ते में 6 batch, हर batch में 8 से 10 बच्चे, हर रविवार board pattern का test. home tuition और online दोनों - Zoom और digital writing pad के साथ.

अनुभव

ट्यूशन टीचर - अपना batch2022 - अब तक

स्वतंत्र ट्यूशन, विजय नगर, जबलपुर

  • कक्षा 9 से 12 तक गणित और भौतिकी, हफ्ते में 6 batch, हर batch में 8 से 10 बच्चे
  • पिछले साल 18 में से 14 बच्चों के गणित में 80 से ऊपर अंक
  • एक कमजोर बच्चे को 3 महीने में 42 से 71 प्रतिशत तक पहुंचाया
  • हर रविवार board pattern का test, 2 साल में 90 से ज्यादा paper खुद बनाए
  • 12 नए बच्चे पुराने अभिभावकों की सिफारिश से आए
Home tutor और online tutor2020 - 2022

निजी tuition और online tuition app, जबलपुर

  • एक साथ 9 बच्चों को घर जाकर पढ़ाया, कक्षा 8 से 10 तक गणित और विज्ञान
  • Online app पर 40 से ज्यादा class, अभिभावकों की लगातार अच्छी rating
  • हर महीने अभिभावकों को बच्चे की प्रगति की लिखित रिपोर्ट

शिक्षा

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर2018 - 2020

MSc गणित - 68 प्रतिशत

शासकीय विज्ञान महाविद्यालय, जबलपुर2015 - 2018

BSc गणित और भौतिकी - 71 प्रतिशत

केंद्रीय विद्यालय, जबलपुर - CBSE2013 - 2015

12वीं, विज्ञान - गणित में 88 प्रतिशत

स्किल्स

गणित और भौतिकी - कक्षा 9 से 12CBSE और मध्य प्रदेश board का syllabus और patternNCERT के साथ reference book का इस्तेमालBoard pattern के test paper बनाना और जांचनाकमजोर बच्चों के लिए अलग revision planPDF notes और worksheet तैयार करनाOnline class - Zoom, screen share, writing padWhatsApp पर doubt solving और homework जांचBatch schedule, हाजिरी और अभिभावक को रिपोर्ट

साधन और संदर्भ

  • Online पढ़ाने के साधन - laptop, digital writing pad, अच्छा internet
  • Board pattern के test paper और worksheet का अपना संग्रह
  • अभिभावकों की सिफारिश - संपर्क मांगने पर उपलब्ध
  • भाषाएं - हिंदी और English, दोनों में पढ़ा सकता हूं
  • Aadhaar उपलब्ध - verification के समय

टेम्पलेट डाउनलोड करें

हमारे AI बिल्डर में रिज्यूमे बनाएं और मनचाहे फ़ॉर्मैट में डाउनलोड करें

इस टेम्पलेट को builder में इस्तेमाल करें →
प्रोफाइल

ट्यूशन टीचर का प्रोफाइल कैसे लिखें

प्रोफाइल रिज्यूमे के ऊपर तीन या चार लाइन का हिस्सा है. ट्यूशन टीचर के लिए इसमें यह आना चाहिए: कितने साल से पढ़ा रहे हैं, कौन सा विषय और कौन सी कक्षा, कौन सा board, अब तक कितने बच्चे पढ़ाए, और उनका नतीजा कैसा रहा. आखिर में लिखें कि home, batch या online - किस तरह पढ़ाते हैं.

"बच्चों को अच्छे से समझाता हूं" हर रिज्यूमे में होता है. उसकी जगह नतीजा रखें - कितने बच्चों के अंक कितने बढ़े, कितने board exam में बैठे, कितने अभिभावकों ने दूसरे बच्चों के लिए आपको भेजा. आखिरी बात सबसे कीमती है, क्योंकि ट्यूशन का पूरा धंधा मुंहजबानी सिफारिश से चलता है.

कमजोरमैं बच्चों को ट्यूशन पढ़ाता हूं. सभी विषय अच्छे से समझा देता हूं और बच्चे मेरे पढ़ाने से खुश रहते हैं. कृपया मौका दें.
मजबूत5 साल से ट्यूशन पढ़ा रहा हूं, जबलपुर. कक्षा 9 से 12 तक गणित और भौतिकी, CBSE और मध्य प्रदेश board का syllabus. अब तक 90 से ज्यादा बच्चे पढ़ाए, पिछले साल 18 में से 14 के गणित में 80 से ऊपर अंक. हफ्ते में 6 batch, हर batch में 8 से 10 बच्चे, हर रविवार test. home tuition और online दोनों - Zoom और digital writing pad के साथ.
सुझाव
अभिभावकों की सिफारिश को साफ शब्दों में लिखें - जैसे "पिछले दो साल में 12 नए बच्चे पुराने अभिभावकों की सिफारिश से आए". इस काम में यह आंकड़ा किसी certificate से ज्यादा भरोसा जगाता है.
स्किल्स

ट्यूशन टीचर की स्किल्स

hard skills में विषय, board, सामग्री और तकनीक लिखें. soft skills में वह जो एक बच्चे को महीनों टिकाए रखता है: धीरज, अभिभावक से साफ बात और बच्चे की कमजोरी पकड़ने की नजर.

Hard skills

  • विषय की पकड़ - गणित, विज्ञान, अंग्रेजी या जो भी आप पढ़ाते हैं, कक्षा के हिसाब से
  • Board syllabus की जानकारी - CBSE, ICSE और राज्य board का अंतर और pattern
  • NCERT और board की किताब के साथ-साथ reference book का इस्तेमाल
  • Test और assessment - weekly test, unit test और board pattern का paper बनाना
  • Answer writing और board के marking scheme के हिसाब से उत्तर लिखवाना
  • कमजोर बच्चे के लिए अलग revision plan और extra practice sheet
  • Notes और worksheet बनाना - हाथ से या PDF में
  • Online पढ़ाना - Zoom या Google Meet, screen share, digital writing pad
  • WhatsApp पर doubt solving और homework की जांच
  • Batch और schedule चलाना - समय, हाजिरी और अभिभावक को नियमित रिपोर्ट

Soft skills

  • धीरज - एक ही सवाल तीसरी बार भी उसी शांति से समझाना
  • बच्चे की कमजोरी पकड़ने की नजर - गलती कहां से शुरू हुई, यह ढूंढना
  • अभिभावक से साफ बात - सच्ची प्रगति बताना, झूठी तसल्ली नहीं
  • समय की पाबंदी - ट्यूशन में देर से आना सबसे तेज शिकायत बनती है
  • Batch पर पकड़ - 10 बच्चों में अनुशासन बनाए रखना
  • प्रोत्साहन देना - डर से नहीं, भरोसे से पढ़ाई कराना
  • भरोसा और मर्यादा - खासकर घर जाकर पढ़ाने में यह सबसे ऊपर है
  • लचीलापन - exam के दिनों में समय बदलना और extra class देना
  • सादगी से समझाना - मुश्किल बात को रोजमर्रा के उदाहरण से जोड़ना
  • लगातार सीखना - हर साल syllabus और paper pattern बदलता रहता है
अनुभव

अनुभव का हिस्सा कैसे लिखें

ढांचा सीधा है: कहां पढ़ाया - अपने यहां, coaching में, बच्चे के घर या online, समय, शहर, फिर विषय, कक्षा और नतीजा. हर जगह के लिए बताएं कि कितने बच्चे, कौन सा board, हफ्ते में कितने घंटे और result क्या रहा.

अगर आप स्कूल में भी पढ़ाते हैं या पढ़ाते थे, तो वह अलग लिखें - वहां का अनुभव अलग ढंग का है और स्कूल टीचर वाला रिज्यूमे अलग बनता है. ट्यूशन वाले हिस्से में हमेशा नतीजा सबसे ऊपर रखें, क्योंकि यही चीज अभिभावक पढ़ता है.

कमजोर- बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना - होमवर्क कराना - परीक्षा की तैयारी
मजबूत- कक्षा 9 से 12 तक गणित और भौतिकी, CBSE और राज्य board, हफ्ते में 6 batch - पिछले साल 18 में से 14 बच्चों के गणित में 80 से ऊपर अंक - एक कमजोर बच्चे को 3 महीने में 42 से 71 प्रतिशत तक पहुंचाया - हर रविवार board pattern का test, 2 साल में 90 से ज्यादा paper खुद बनाए - 12 नए बच्चे पुराने अभिभावकों की सिफारिश से आए
क्या लिखना है
पढ़ाने की जगह - विषय और कक्षा - board - बच्चों की संख्या - batch का ढांचा - test - अंकों में सुधार - सिफारिश से आए बच्चे
शिक्षा

शिक्षा

ट्यूशन में B.Ed या TET की शर्त नहीं होती, लेकिन विषय की degree भरोसा जगाती है. अपनी पढ़ाई साल और percentage के साथ लिखें - अभिभावक खास तौर पर उस विषय के अंक देखता है जो आप पढ़ाने जा रहे हैं. अगर आप अभी पढ़ाई कर रहे हैं तो वह भी साफ लिखें, इसमें कोई कमजोरी नहीं है.

  • Graduation या post graduation - विषय, कॉलेज, साल और percentage
  • 12वीं - board, स्कूल, साल और percentage, खासकर उस विषय के अंक जो पढ़ाते हैं
  • 10वीं - board, स्कूल, साल और percentage
  • B.Ed, D.El.Ed या कोई teaching course, अगर किया हो - जरूरी नहीं पर बढ़त देता है
  • कोई प्रतियोगी परीक्षा पास की हो तो लिखें, इससे विषय की पकड़ साबित होती है
  • Online पढ़ाने के साधन - laptop, internet, writing pad - एक लाइन में
  • नाम की वर्तनी Aadhaar जैसी और WhatsApp वाला चालू मोबाइल नंबर
ध्यान दें
हर degree के साथ साल और percentage जरूर लिखें. अभिभावक और coaching दोनों यही देखकर तय करते हैं कि विषय पर आपकी पकड़ कितनी है, और खाली छोड़ा हुआ percentage हमेशा शक पैदा करता है.
बिना अनुभव के

नए ट्यूशन टीचर का रिज्यूमे

पहली बार ट्यूशन शुरू कर रहे हैं तो आपकी सबसे बड़ी पूंजी अपने अंक हैं. जिस विषय को पढ़ाना है, उसमें अपने 10वीं, 12वीं और graduation के अंक ऊपर रखें. साथ में लिखें कि आप कौन सी कक्षा और कौन सा board पढ़ा सकते हैं.

मुफ्त या कम पैसे में दो तीन बच्चों को पढ़ाकर पहला result बना लें - एक बार अंकों में सुधार दिखा देने के बाद बाकी बच्चे सिफारिश से आने लगते हैं. शुरुआत में online tuition app पर भी नाम लिखाया जा सकता है, वहां demo class से काम मिलता है.

  • जिस विषय को पढ़ाना है, उसमें अपने अंक साफ और ऊपर लिखें
  • कॉलेज में किसी को पढ़ाया हो या notes बनाए हों, वह भी लिखें
  • दो तीन बच्चों का पहला result बनाकर उसे रिज्यूमे में जोड़ें
  • Online tuition app पर demo class देने की तैयारी लिख दें
  • अपना समय और batch का ढांचा पहले से तय करके लिखें - बदलता schedule भरोसा तोड़ता है

अपना ट्यूशन टीचर रिज्यूमे बनाने के लिए तैयार हैं?

AI builder आपके अनुभव को home tuition, batch या online - जो भी चाहिए - उसके हिसाब से ढाल देगा, विषय, board और result के आंकड़ों के साथ.

गलतियां

सबसे आम गलतियां

"सभी विषय पढ़ाता हूं" लिख देना

यह भरोसा घटाता है, बढ़ाता नहीं. दो या तीन विषय चुनें जिन पर सच में पकड़ है, और उन्हें कक्षा तथा board के साथ लिखें. बाकी विषय का जिक्र ही न करें.

Result का कोई आंकड़ा न देना

ट्यूशन की पूरी साख नतीजे पर टिकी है. कितने बच्चों के अंक कितने बढ़े - यह लाइन न हो तो रिज्यूमे बाकी सब जैसा दिखता है और अभिभावक आगे नहीं बढ़ता.

Board का जिक्र न करना

CBSE, ICSE और राज्य board के paper pattern अलग हैं. अभिभावक अपने बच्चे के board वाला टीचर ढूंढता है, इसलिए board का नाम विषय के ठीक साथ लिखें.

Fee और schedule को लेकर धुंधलापन

Fee रिज्यूमे में लिखना जरूरी नहीं, पर समय और batch का ढांचा जरूर साफ होना चाहिए. कितने दिन, कितने घंटे, test कब - यह न बताने से बात पहली बैठक में ही अटक जाती है.

स्कूल टीचर वाला रिज्यूमे जस का तस भेज देना

स्कूल के रिज्यूमे में degree, B.Ed और TET सबसे ऊपर होते हैं. ट्यूशन में अभिभावक सबसे पहले नतीजा देखता है. एक ही कागज दोनों जगह भेजने से एक जगह हमेशा कमजोर पड़ता है.

अपने अंक और percentage छिपाना

जिस विषय को पढ़ाना है उसमें अपने अंक न लिखना सीधा शक पैदा करता है. साल और percentage हर degree के साथ लिखें, यही आपकी विषय पर पकड़ का सबसे आसान सबूत है.

निचोड़

निचोड़

याद रखें

  • प्रोफाइल = कितने साल + विषय और कक्षा + board + कितने बच्चे + result
  • नतीजा संख्या में लिखें - अंक कितने बढ़े, कितने बच्चों के
  • Board का नाम विषय के साथ ही लिखें, वरना अभिभावक आगे नहीं बढ़ता
  • Batch का ढांचा और test का दिन साफ लिखें, fee बातचीत में रखें
  • सिफारिश से आए बच्चों की संख्या सबसे भरोसेमंद लाइन है
ट्यूशन टीचर रिज्यूमे बनाएं →
FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

स्कूल के रिज्यूमे में degree, B.Ed, TET और classroom management सबसे ऊपर होते हैं. ट्यूशन के रिज्यूमे में सबसे ऊपर नतीजा होता है - बच्चों के अंक कितने बढ़े, कितने बच्चे सिफारिश से आए. अगर आप स्कूल की नौकरी भी ढूंढ रहे हैं तो हमारे टीचर वाले पेज का सैंपल अलग से देखें.
यह शहर, विषय, कक्षा और batch के आकार पर निर्भर करता है, और home tuition, batch तथा online सबका हिसाब अलग है. कमाई बढ़ाने वाली बातें साफ हैं: ऊंची कक्षा और गणित या विज्ञान जैसे विषय, board exam का result, batch में ज्यादा बच्चे और online से दूसरे शहर के बच्चे. आज की दर जानने के लिए अपने इलाके के ताजा ट्यूशन विज्ञापन और online tuition app देखें.
हां. ट्यूशन में किसी सरकारी योग्यता की शर्त नहीं होती, विषय पर पकड़ और नतीजा ही सब कुछ है. B.Ed हो तो लिख दें, बढ़त देता है, खासकर coaching institute में नौकरी के समय. पर उसके बिना भी अपने अंक और बच्चों का result दिखाकर काम बनाया जा सकता है.
Home tuition में एक बच्चे पर पूरा ध्यान जाता है और अभिभावक से सीधा रिश्ता बनता है, पर आने-जाने में समय जाता है. batch में एक ही समय में कई बच्चे पढ़ते हैं, इसलिए घंटे के हिसाब से ज्यादा फायदा है, पर अनुशासन और अलग-अलग स्तर संभालना पड़ता है. रिज्यूमे में दोनों का अनुभव अलग-अलग लिखें.
ज्यादातर app पर पहले profile और विषय चुनना होता है, फिर एक demo class या subject test होता है. रिज्यूमे में अपने साधन साफ लिखें - laptop, अच्छा internet, digital writing pad, शांत कमरा. साथ में यह भी कि आप किस समय उपलब्ध रहते हैं, क्योंकि दूसरे शहर के अभिभावक समय देखकर ही चुनते हैं.
हां, बशर्ते सच हो और बच्चे का नाम न हो. "18 में से 14 बच्चों के गणित में 80 से ऊपर अंक" लिखना सही है, किसी बच्चे का नाम और marksheet लगाना नहीं. आंकड़े अपने register से लें, अंदाजे से न लिखें - अभिभावक अक्सर ब्योरा पूछ लेते हैं.
नहीं. fee बातचीत का हिस्सा है और वह बच्चे की कक्षा, विषय, batch या home और हफ्ते के दिनों पर बदलती है. रिज्यूमे में सिर्फ अपना schedule और batch का ढांचा लिखें. यही बात नौकरी वाले रिज्यूमे में भी लागू है - expected CTC कागज पर नहीं लिखा जाता.
एक पन्ना काफी है. हिंदी में बिल्कुल चल जाता है, खासकर मोहल्ले और छोटे शहर में. बस board, syllabus, CBSE, ICSE, online, batch जैसे शब्द English में ही रहने दें. coaching institute में नौकरी के लिए आवेदन कर रहे हैं तो English में एक copy साथ रखें.
यह भी पढ़ें

रिज्यूमे और इंटरव्यू की सलाह

सुझाव

Job Description के हिसाब से Resume कैसे बनाएं, 10 मिनट में

हर step के समय के साथ आसान गाइड: 10 मिनट में Resume को किसी खास job के हिसाब से customize करें, job description से सही keywords लें और कुछ भी झूठ न लिखें। साथ में Sales Executive का पहले और बाद वाला उदाहरण।

पढ़ें →
ATS

ATS System क्या है और भारत में कौन से ATS चलते हैं

Recruiters ATS में applications के साथ कैसे काम करते हैं, क्या सच में "robot" resume reject करता है, और ATS friendly resume कैसे बनाएं

पढ़ें →
AI

AI से Resume कैसे बनाएं: Claude और ChatGPT (MCP)

AI से chat में बात करते हुए resume बनाएं - और chat का text नहीं, बल्कि template, formatting और PDF वाला तैयार document पाएं

पढ़ें →
मिलते-जुलते पेशे

दूसरे पेशों के रिज्यूमे नमूने

रिज्यूमे बनाएं →