Objective रिज्यूमे की सबसे ऊपर वाली दो या तीन लाइन हैं और भारत में यही सबसे ज्यादा लिखा जाने वाला हिस्सा है. पढ़ने वाले के पास एक रिज्यूमे के लिए कुछ सेकंड होते हैं, और वे सेकंड यहीं खर्च होते हैं. गलती लगभग सबकी एक ही है - इन लाइनों में यह लिखा होता है कि आपको क्या चाहिए, न कि आप क्या दे सकते हैं. 'Seeking a challenging position in a reputed organization' इतनी बार लिखी जा चुकी है कि अब वह पढ़ी ही नहीं जाती.
Objective नाम और contact के ठीक नीचे आता है, इसलिए यह अपने आप पहला पढ़ा जाने वाला हिस्सा बन जाता है. रिज्यूमे ऊपर से नीचे लगातार नहीं पढ़ा जाता - नजर पहले नाम और पद पर जाती है, फिर इसी paragraph पर, उसके बाद सबसे हाल की नौकरी पर. इन दो लाइनों में कुछ ठोस न मिले, तो नीचे का experience कई बार खुलता ही नहीं.
इस हिस्से का काम एक ही है - यह बताना कि आप कौन हैं और इस vacancy के लिए क्यों सही हैं. यह इच्छाओं की सूची नहीं है. 'मैं अपनी skills का इस्तेमाल करके कंपनी के साथ grow करना चाहता हूं' कोई नई जानकारी नहीं देता, क्योंकि यही बात हर आवेदन करने वाले पर लागू होती है.
भारत में पहली छंटाई कई जगह वह आदमी करता है जो उस काम का जानकार नहीं होता और सिर्फ ढेर बनाता है. उसे ऊपर की दो लाइनों में पद, अनुभव और शहर मिल जाना चाहिए.
दोनों एक ही जगह बैठते हैं, लेकिन मतलब अलग है. Objective आगे की बात करता है - आप कौन हैं और किस role के लिए आवेदन कर रहे हैं. Summary या profile पीछे की बात करती है - आपने कितने साल क्या किया और नतीजा क्या निकला.
मोटा नियम: अनुभव दो साल से कम हो तो objective, ज्यादा हो तो summary. वजह सीधी है - experienced आदमी के पास इच्छा के बजाय रिकॉर्ड होता है, और रिकॉर्ड हमेशा भारी पड़ता है. Fresher के पास रिकॉर्ड नहीं होता, इसलिए उसके लिए दिशा और training बताना ज्यादा काम का है.
तीसरी हालत भारत में आम है - काम की लाइन बदलना. BPO से data entry या teaching से HR में जा रहे हैं, तो objective ही सही चुनाव है, क्योंकि आपको समझाना है कि पुराना अनुभव नए role में कहां फिट होता है. दोनों में से एक जरूर हो, दोनों साथ लिखना जगह की बर्बादी है.
एक objective जो काम करता है, चार टुकड़ों से बनता है और इसी क्रम में. पहला - आप कौन हैं: degree या पद, और अनुभव के साल. दूसरा - सबसे मजबूत दो या तीन skill, वही जो इस vacancy में मांगी गई हैं. तीसरा - किस role के लिए आवेदन कर रहे हैं, नाम लेकर. चौथा - कंपनी को इससे क्या मिलेगा.
क्रम यही इसलिए है कि पढ़ने वाला पहली पहचानी हुई चीज पर रुकता है. पद और अनुभव चौथी लाइन में हो, तो वहां तक कोई नहीं पहुंचता. चौथा हिस्सा सबसे ज्यादा छोड़ा जाता है और सबसे ज्यादा फर्क डालता है.
उदाहरण: 'B.Com graduate, Tally Prime और GST return पर 6 महीने का internship. Accounts assistant के पद के लिए आवेदन, जहां रोज की entry, bank reconciliation और monthly GST filing संभाल सकूं.' इसमें degree, software, पद और वह काम चारों हैं जो आप उठा लेंगे.
Seeking a challenging position in a reputed organization where I can utilize my skills and grow with the company.
B.Com graduate, Tally Prime और GST return पर 6 महीने का internship. Accounts assistant के पद के लिए आवेदन - रोज की entry, bank reconciliation और monthly GST filing संभालने के लिए तैयार.
पहली लाइन से यह भी पता नहीं चलता कि आप किस काम के लिए आए हैं. दूसरी से degree, software के नाम, अनुभव के महीने और वह पद पता चल जाता है जिस पर आपको कल बैठाया जा सकता है.
Hardworking and sincere person looking for a good job in the IT field. Quick learner with good communication skills.
BCA graduate, Java और SQL पर 3 college project, एक में 400 record का library management system अकेले बनाया. Junior software tester के पद के लिए आवेदन - manual testing और test case लिखने की training पूरी.
'Quick learner' जांचा नहीं जा सकता. अपने हाथ से बनाया project, उसका आकार और testing की training - ये तीनों interview में पूछे जा सकते हैं, इसलिए इन पर भरोसा बनता है.
To work in a company where I can show my talent and secure a bright future for myself and the organization.
Field sales executive, 3 साल FMCG distribution में. नासिक और आसपास के 40 outlet संभाले, 12 महीने में 11 बार monthly target पूरा. Area sales के role के लिए आवेदन, नया इलाका खड़ा करने के अनुभव के साथ.
पहली लाइन सिर्फ इच्छा है - उसमें कंपनी का नाम बदल जाए तो भी फर्क नहीं पड़ता. दूसरी में इलाका, outlet की संख्या और target का रिकॉर्ड है, इसलिए पढ़ने वाला अंदाजा लगा सकता है कि आप उसके इलाके में क्या कर पाएंगे.
Fresher, no experience, but ready to do any job. Kindly give me a chance to prove myself.
D.El.Ed पूरा, 4 महीने की teaching practice एक प्राथमिक स्कूल में - कक्षा 3 से 5 तक हिंदी और गणित. Primary teacher के पद के लिए आवेदन, lesson plan और कक्षा के record बनाने का अभ्यास है.
'कोई भी काम' से लगता है कि कोई एक काम ठीक से नहीं आता. Teaching practice की अवधि, कक्षा, विषय और record बनाने का काम असली अनुभव है, चाहे वह पहली नौकरी से पहले का हो.
Looking for a receptionist job. Salary no bar. Can join immediately, any shift, any location.
Front desk पर 2 साल, 30 कमरे के एक hotel में. रोज 25 से 30 check in, EPABX और guest register संभाला, हिंदी, मराठी और काम भर की English. Receptionist के पद के लिए आवेदन, notice period 15 दिन.
'Salary no bar' और 'any location' से लगता है कि आपको कोई भी नौकरी चलेगी. दूसरी लाइन में काम का आकार, उपकरण, भाषाएं और joining की स्थिति है - छंटाई करने वाले को ठीक यही चाहिए.
दो से तीन लाइन, लगभग 30 से 50 शब्द. एक लाइन कम है - उसमें चारों हिस्से आते ही नहीं. चार लाइन से ऊपर का objective paragraph बन जाता है, और paragraph के लिए पढ़ने वाले के पास समय नहीं है.
जगह पक्की है: नाम, phone, email और शहर के ठीक नीचे, skills और experience से पहले. Heading 'Career Objective' या 'Objective' ही रखें - यही शब्द भारत में सब पहचानते हैं और ATS भी इन्हीं को ढूंढता है. लाइनें फिट न हों, तो विशेषण काटें, तथ्य नहीं - 'मेहनती और जिम्मेदार उम्मीदवार' डेढ़ लाइन खाता है और कुछ नहीं बताता.
कुछ वाक्य इतने दोहराए गए हैं कि वे अब सजावट भी नहीं हैं. 'Seeking a challenging position in a reputed organization where I can utilize my skills and grow with the company' इनमें सबसे ऊपर है - इसमें चार दावे हैं और एक भी जांचा नहीं जा सकता.
दूसरी श्रेणी खुद की तारीफ है - hardworking, sincere, quick learner, team player, dedicated and punctual. ये शब्द हर रिज्यूमे में हैं, इसलिए इनसे किसी का कुछ नहीं बनता. सच में तेज सीखते हैं, तो लिखें कि तीन महीने में कौन सा software या कौन सी मशीन सीखी.
तीसरी गलती भाषा की है. 'To get a job in your esteemed organization' पुरानी चिट्ठी की भाषा है, और 'kindly give me a chance to prove myself' याचना है. याचना से भरोसा नहीं बनता - रिज्यूमे यह दिखाने के लिए है कि आपको काम आता है.
रिज्यूमे का बाकी हिस्सा हर बार बदलने की जरूरत नहीं - degree और पुरानी नौकरियां वही रहती हैं. Objective अकेला हिस्सा है जो हर आवेदन के साथ बदलना चाहिए, क्योंकि इसी में पद का नाम आता है.
तरीका सीधा है. Job ad का text पढ़ें, उसमें से तीन या चार शब्द निकालें जो बार-बार आ रहे हैं - जैसे Tally, field sales, rotational shift, MIS report - और देखें कि वे आपके objective में हैं या नहीं. जबरदस्ती न भरें: एक भी सच में आपके पास न हो, तो हो सकता है यह vacancy आपके लिए नहीं है.
सबसे भारी गलती यहीं होती है - पिछले आवेदन का पद का नाम छूट जाना. 'Software tester के पद के लिए आवेदन' लिखा रिज्यूमे data entry की vacancy पर चला गया, तो वह सबसे पहले हटता है. भेजने से पहले ऊपर की दो लाइन हर बार देख लें.
बड़ी IT कंपनियों और बड़े corporate में आवेदन पहले एक software से गुजरते हैं, जो रिज्यूमे का text पढ़कर उसे job की जरूरतों से मिलाता है. यही ATS है. वह भाषा की सुंदरता नहीं देखता, वह शब्द ढूंढता है - skill के नाम, software के नाम, degree का नाम, पद का नाम.
इसका objective पर सीधा असर है. पद का पूरा नाम उसी रूप में लिखें जिस रूप में vacancy में है, और short form के साथ पूरा नाम भी रखें - 'Business Development Executive (BDE)', 'Management Information System (MIS) report'. Skill को असली नाम से लिखें: 'computer का अच्छा ज्ञान' नहीं, बल्कि 'Excel - VLOOKUP और pivot table'.
दूसरी तरफ keyword ठूंसने से काम नहीं चलता - एक ही शब्द छह बार लिखा objective आदमी को तुरंत दिखता है, और पहली छंटाई के बाद रिज्यूमे आदमी ही पढ़ता है. छोटी कंपनियों, clinic और walk in interview में ATS होता ही नहीं, पर वहां भी साफ पद, साफ अनुभव और साफ शहर वही काम करते हैं.
Salary की बात ऊपर नहीं आती. 'Expected salary' का आंकड़ा बातचीत शुरू होने से पहले ही आपकी कीमत तय कर देता है, और 'salary no bar' बताता है कि आपको अपने काम की कीमत खुद नहीं पता. CTC की बात interview में होती है, या application form के उस खाने में जो इसी के लिए बना है.
'Any job' या 'किसी भी पद पर काम करने को तैयार' सबसे भारी नुकसान है - इससे लगता है कि कोई एक काम ठीक से नहीं आता. सच में दो तरह के role देख रहे हैं, तो दो रिज्यूमे रखें, हर एक में एक ही दिशा.
निजी जानकारी भी यहां नहीं आती. उम्र, शादी की स्थिति, पिता का नाम, जाति, धर्म, Aadhaar या PAN का number - इनमें से कुछ भी objective में नहीं लिखा जाता. सरकारी application form में जहां यह खाना बना हो, वहां भरें.
ढांचा एक ही रहता है, जोर बदलता है. IT में software, language और framework का नाम सबसे पहले मायने रखता है, साथ में यह कि आपने अपने हाथ से कौन सा project बनाया. BPO और customer support में भाषा, shift की उपलब्धता और call का प्रकार - inbound, outbound या chat - सबसे ऊपर रखें.
Sales और field के काम में इलाका, ग्राहक का प्रकार और target का अनुभव काम आता है - 'FMCG distribution में 2 साल, नासिक और आसपास के 40 outlet'. Accounts में software और return का प्रकार - 'Tally Prime, GST return और TDS'. Teaching में subject, class और board - 'गणित, कक्षा 6 से 10, CBSE'.
Trades और service में - electrician, fitter, driver, tailor, beautician - जोर ITI trade, certificate, licence और उस मशीन पर है जिस पर आपने सच में हाथ चलाया है. सरकारी भर्ती के आवेदन में क्रम बदल जाता है: पहले degree और परीक्षा, फिर अनुभव के साल, और पद का नाम ठीक उसी रूप में जिस रूप में अधिसूचना में है.
यहां से वही लें जो आप सच में करते हैं, और अपना उदाहरण या number जोड़ें - अकेली list कुछ साबित नहीं करती.
अपडेट किया गया 2026-10-03