लेक्चरर रिज्यूमे 2026 - UGC NET, PhD और publication के हिसाब से तैयार सैंपल बिल्कुल मुफ्त

Антон Литвинов
प्रकाशित: 03.10.2026 अपडेट किया गया: 03.10.2026

कॉलेज या university की selection committee के पास एक पद पर सैकड़ों आवेदन आते हैं और छंटाई का पहला दौर eligibility पर होता है, विषय पर नहीं. इसलिए आपके रिज्यूमे की पहली दो लाइन में तीन बातें दिख जानी चाहिए: आपका subject और specialisation, UGC NET या राज्य का SET पास है और किस साल, और PhD हो गई है, जमा हो चुकी है या चल रही है. इसके बाद ही कोई आपका teaching अनुभव और publication list पढ़ता है. यह पेज school teaching के बारे में नहीं है - यह degree college, autonomous college, engineering या management institute और university में पढ़ाने वाले लेक्चरर यानी assistant professor के लिए है. नीचे पूरा सैंपल रिज्यूमे मिलेगा - eligibility, पढ़ाए गए paper, examination और accreditation का काम, और publication list के ढंग के साथ.

रिज्यूमे बनाएं → उदाहरण देखें 5 मिनट - AI सुझाव - ATS friendly format
तैयार सैंपल

लेक्चरर का सैंपल रिज्यूमे

यह सैंपल तीन सबसे आम जगहों के हिसाब से लिखा गया है: सरकारी या अनुदानित degree college, private autonomous college या university department, और engineering या management institute. ढांचा एक ही रहता है, फर्क जोर देने में है - सरकारी भर्ती में NET, PhD और अनुभव के साल सबसे ऊपर चाहिए, autonomous college और university में publication तथा research project भारी पड़ते हैं, और engineering institute में AICTE की योग्यता के साथ NBA का काम, CO-PO mapping और industry exposure देखा जाता है.

Eligibility पहली दो लाइन में

"M.A. राजनीति विज्ञान, 62 प्रतिशत - UGC NET 2019 - PhD 2024 में award" जैसी एक लाइन पहले पन्ने पर होनी चाहिए. Selection committee का पहला काम eligibility जांचना है, और जो रिज्यूमे यह ढूंढने पर मजबूर करता है वह अक्सर वहीं रुक जाता है.

Specialisation अलग से लिखें

सिर्फ subject लिखना आधी बात है. "वाणिज्य" की जगह "वाणिज्य - Accounting और Taxation specialisation" लिखें, क्योंकि विज्ञापन paper के हिसाब से निकलता है और department को उसी paper का आदमी चाहिए जिसकी कक्षा खाली है.

पढ़ाए गए paper नाम लेकर लिखें

"UG और PG को पढ़ाया" कुछ नहीं कहता. "B.Com के Corporate Accounting और Income Tax, M.Com के Advanced Cost Accounting" पढ़ते ही पता चल जाता है कि आपको किस कक्षा में भेजा जा सकता है. साथ में हफ्ते के period और semester में छात्रों की संख्या जोड़ दें.

Publication list पूरे हवाले के साथ

सिर्फ "5 research paper प्रकाशित" लिखना गिनती है, सबूत नहीं. हर paper का शीर्षक, journal का नाम, साल, volume, issue, page और ISSN लिखें, और बताएं कि वह UGC-CARE सूची में है, Scopus indexed है या peer reviewed. API का हिसाब इसी जानकारी से बनता है.

रिज्यूमे नमूने का टेक्स्ट

इसे संदर्भ की तरह लें: ढांचा और भाषा वही रखें, अपने तथ्य और आंकड़े भरें।

डॉ. प्रीति वर्मा

असिस्टेंट प्रोफेसर, वाणिज्य
जयपुर
preeti.verma@example.com
+91 90000 00000

प्रोफाइल

6 साल के अनुभव वाली असिस्टेंट प्रोफेसर, वाणिज्य - Accounting और Taxation specialisation. M.Com 64 प्रतिशत, UGC NET 2019, PhD 2024 में award. 4 साल UG और 2 साल PG teaching - B.Com के Corporate Accounting तथा Income Tax और M.Com का Advanced Cost Accounting, हफ्ते में 18 period, semester में औसतन 190 छात्र. UGC-CARE सूची के journal में 5 paper, 1 Scopus indexed paper, 2 book chapter ISBN के साथ, 7 राष्ट्रीय और 2 अंतरराष्ट्रीय conference में presentation. NAAC criteria 1 की जिम्मेदारी और 2 चक्र का AQAR, 3 साल university की paper setting panel तथा moderation committee में.

अनुभव

असिस्टेंट प्रोफेसर, वाणिज्य2022 - अब तक

श्रीराम कॉमर्स कॉलेज (autonomous), जयपुर

  • B.Com के Corporate Accounting तथा Income Tax और M.Com का Advanced Cost Accounting, हफ्ते में 18 period, semester में 190 छात्र
  • 3 साल university की paper setting panel और 2 साल moderation committee में, हर semester औसतन 400 copy का मूल्यांकन
  • NAAC के लिए criteria 1 की जिम्मेदारी और 2 चक्र का AQAR तैयार करने की टीम में
  • 42 छात्रों के project तथा dissertation का मार्गदर्शन, 2 batch में शत प्रतिशत submission
  • GST अनुपालन पर 2 दिन की राष्ट्रीय workshop का आयोजन, 6 कॉलेज से 70 प्रतिभागी
गेस्ट लेक्चरर, वाणिज्य2020 - 2022

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अजमेर

  • B.Com के Financial Accounting और Business Statistics, हफ्ते में 14 period, semester में 160 छात्र
  • Remedial class चलाई - कमजोर छात्रों के लिए हफ्ते में 2 अतिरिक्त period
  • Internal assessment, assignment और seminar का पूरा record तैयार किया
  • विभाग के वार्षिक commerce festival का coordinator, 11 कॉलेज की भागीदारी

शिक्षा और शोध

राजस्थान विश्वविद्यालय2019 - 2024

PhD, वाणिज्य (विषय - GST के बाद छोटे व्यापारियों का अनुपालन व्यवहार)

महाराजा कॉलेज, जयपुर2016 - 2018

M.Com, Accounting और Taxation - 64 प्रतिशत

स्किल्स

वाणिज्य के UG और PG paper - Accounting, Costing और TaxationCBCS और NEP 2020 के हिसाब से syllabus और course planCourse outcome तथा programme outcome mapping और attainmentQuestion paper setting, question bank, मूल्यांकन और moderationResearch methodology और SPSS में data विश्लेषणPaper लेखन, journal चयन और plagiarism जांचNAAC criteria, AQAR और SSR के दस्तावेजMoodle तथा Google Classroom से ICT teachingProject और dissertation का मार्गदर्शन

योग्यता और ट्रेनिंग

  • UGC NET - वाणिज्य, 2019
  • UGC-HRDC orientation programme और refresher course - 2023
  • FDP - Research Methodology, 2 सप्ताह, 2022
  • NPTEL course - Financial Accounting, 2021
  • ORCID और Google Scholar profile उपलब्ध, Aadhaar तथा PAN verification के समय

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इस पेज पर क्या मिलेगा

  • लेक्चरर का तैयार सैंपल रिज्यूमे - subject, NET, PhD और publication के साथ
  • 3 PDF template - classic, modern और ATS friendly
  • Publication और conference list का सही format - journal, साल, volume और ISSN
  • 6 सबसे आम गलतियां, जिनकी वजह से interview call नहीं आता
प्रोफाइल

लेक्चरर का प्रोफाइल कैसे लिखें

प्रोफाइल रिज्यूमे के सबसे ऊपर तीन या चार लाइन का हिस्सा है. लेक्चरर के लिए इन्हीं लाइनों में सब आ जाना चाहिए: subject और specialisation, NET या SET का साल, PhD की स्थिति, कितने साल UG और कितने साल PG पढ़ाया, कौन से paper, कितने publication और किस स्तर के journal में, और institution के किस काम में आप शामिल रहे - NAAC, NBA, IQAC या examination.

"छात्रों के प्रति समर्पित और ज्ञान बांटने में विश्वास रखने वाला शिक्षक हूं" जैसी लाइन हर रिज्यूमे में होती है और एक भी छंटाई में मदद नहीं करती. उसकी जगह ठोस बात लिखें - semester में कितने छात्र, result में pass percentage, question paper setting और moderation का काम, और accreditation में आपकी criteria की जिम्मेदारी. Guest या contractual पढ़ाया है तो उसे छिपाएं नहीं, designation के साथ साफ लिखें, क्योंकि अनुभव के साल इसी से गिने जाते हैं.

कमजोरछात्रों के प्रति समर्पित शिक्षक हूं. पढ़ाने का अनुभव है और research में रुचि है. कई paper प्रकाशित हुए हैं. कृपया एक मौका दें.
मजबूत6 साल के अनुभव वाला असिस्टेंट प्रोफेसर, वाणिज्य - Accounting और Taxation specialisation. M.Com 64 प्रतिशत, UGC NET 2019, PhD 2024 में award (विषय - GST के बाद छोटे व्यापारियों का अनुपालन व्यवहार). 4 साल UG और 2 साल PG teaching, B.Com के Corporate Accounting तथा Income Tax और M.Com के Advanced Cost Accounting, हफ्ते में 18 period, semester में औसतन 190 छात्र. UGC-CARE सूची के journal में 5 paper और 1 Scopus indexed paper, 2 book chapter ISBN के साथ, 7 राष्ट्रीय और 2 अंतरराष्ट्रीय conference में presentation. NAAC criteria 1 की जिम्मेदारी, AQAR तैयार करने की टीम में, और 3 साल question paper setting तथा moderation का काम.
सुझाव
पहली दो लाइन में subject, specialisation, NET का साल और PhD की स्थिति लिख दें. अगर PhD चल रही है तो "PhD चल रही है" की जगह "PhD coursework पूरा, thesis जमा - 2026" जैसी साफ स्थिति लिखें, क्योंकि committee को तारीख चाहिए, अंदाजा नहीं.
स्किल्स

लेक्चरर की स्किल्स

hard skills में वह लिखें जो आप असल में करते हैं - कौन से paper पढ़ाते हैं, कौन सा शोध का तरीका और software आता है, examination और accreditation का कौन सा काम संभाला है. soft skills में वह जो कक्षा और department में सच में चलता है: कठिन विषय को सरल कर देना, छात्रों का मार्गदर्शन और committee के काम का बोझ उठाना.

Hard skills

  • अपने subject के UG और PG paper पढ़ाना - paper का नाम और programme के साथ
  • Lesson plan, teaching diary और semester-wise course plan बनाना
  • CBCS और NEP 2020 के हिसाब से syllabus तैयार करना और board of studies का काम
  • Course outcome और programme outcome का mapping तथा attainment की गणना
  • Question paper setting, question bank, invigilation, मूल्यांकन और moderation
  • Internal assessment, assignment, seminar, viva और practical परीक्षा लेना
  • Research methodology - data collection, sampling, SPSS या R में विश्लेषण
  • Publication का काम - paper लिखना, journal चुनना, plagiarism जांच और revision
  • Research project का proposal और funding एजेंसी के लिए utilisation प्रपत्र
  • NAAC और NBA का काम - criteria की जिम्मेदारी, AQAR, SSR और दस्तावेज तैयार करना
  • ICT और LMS से पढ़ाना - Moodle, Google Classroom, PPT और recorded lecture
  • NPTEL या SWAYAM course पूरा करना और उसका certificate रखना

Soft skills

  • कठिन विषय को सरल भाषा में समझा देना, उदाहरण के साथ
  • छात्रों का mentoring - कमजोर छात्र की अलग से मदद
  • कक्षा का अनुशासन और समय का पालन, period न छोड़ना
  • मूल्यांकन में निष्पक्षता - copy जांचने में कोई पक्षपात नहीं
  • लिखने का अनुशासन - paper और report समय पर पूरा करना
  • Committee के काम का बोझ उठाना - admission, timetable, cultural event
  • सहकर्मियों और HOD के साथ तालमेल, department की साझा जिम्मेदारी
  • मंच पर बोलना - seminar, conference और संस्थान के कार्यक्रम में
  • सीखते रहना - FDP, refresher course और नया syllabus
  • ईमानदारी - शोध में दूसरे का काम अपने नाम पर नहीं
अनुभव

अनुभव का हिस्सा कैसे लिखें

ढांचा सीधा है: संस्थान का नाम और प्रकार (सरकारी, अनुदानित, private, autonomous, university department), शहर, designation, समय, फिर काम. Designation जरूर लिखें - guest lecturer, contractual असिस्टेंट प्रोफेसर, या नियमित असिस्टेंट प्रोफेसर - क्योंकि अनुभव की गिनती इसी से तय होती है और इसे छिपाने पर verification में दिक्कत आती है.

हर संस्थान के नीचे तीन तरह के bullet रखें: पढ़ाने का काम (कौन से paper, किस programme में, हफ्ते में कितने period, semester में कितने छात्र, result), परीक्षा का काम (paper setting, मूल्यांकन, moderation, practical और viva), और संस्थान का काम (NAAC या NBA criteria, IQAC, class coordinator, admission committee, NSS या NCC, workshop का आयोजन). Research का काम अलग हिस्से में रखें, अनुभव के अंदर नहीं, वरना दोनों धुंधले हो जाते हैं.

कमजोर- छात्रों को पढ़ाना - copy जांचना - कॉलेज के कार्यक्रम में भाग लेना
मजबूत- B.Com के Corporate Accounting और Income Tax तथा M.Com के Advanced Cost Accounting पढ़ाए, हफ्ते में 18 period, semester में 190 छात्र - 3 साल university की paper setting panel में, 2 साल moderation committee में, हर semester औसतन 400 copy का मूल्यांकन - NAAC के लिए criteria 1 की जिम्मेदारी संभाली और 2 चक्र का AQAR तैयार करने की टीम में रहा - 42 छात्रों के project और dissertation का मार्गदर्शन, 2 batch में शत प्रतिशत submission - Taxation पर 2 दिन की राष्ट्रीय workshop का आयोजन, 6 कॉलेज से 70 प्रतिभागी
क्या लिखना है
संस्थान और उसका प्रकार - शहर - designation - समय - पढ़ाए गए paper और programme - हफ्ते के period - छात्रों की संख्या - परीक्षा का काम - accreditation और committee की जिम्मेदारी
योग्यता और शोध

शिक्षा और शोध

इस पेशे में शिक्षा का हिस्सा सिर्फ पृष्ठभूमि नहीं, पूरी eligibility है - इसलिए इसे ऊपर और बिल्कुल साफ रखें. Master's degree का विषय, specialisation, संस्थान, साल और percentage या CGPA लिखें, क्योंकि UGC के नियमों में Master's में एक न्यूनतम प्रतिशत की शर्त है और आरक्षित वर्ग के लिए उसमें छूट मिलती है. उसके नीचे NET, JRF या राज्य का SET और SLET, और फिर PhD की स्थिति तारीख के साथ. Engineering और management संस्थान के लिए AICTE की शर्तें अलग होती हैं, वहां ME या M.Tech और वरिष्ठ पद पर PhD मांगी जाती है.

  • Master's degree - विषय, specialisation, university, साल और percentage या CGPA
  • UGC NET, JRF या राज्य का SET और SLET - विषय और साल, JRF हो तो अलग से लिखें
  • PhD - विषय, guide, university और स्थिति: coursework, जमा या award की तारीख
  • M.Phil - अगर किया हो, विषय और साल के साथ
  • ME या M.Tech - engineering संस्थान के आवेदन में सबसे ऊपर रखें
  • UGC-HRDC का orientation programme, refresher course, FDP और short term course
  • NPTEL या SWAYAM course, ORCID तथा Google Scholar profile - लिंक की जगह ID लिखें
ध्यान दें
Publication list में कभी सिर्फ गिनती न लिखें. हर paper के साथ शीर्षक, journal, साल, volume, issue, page और ISSN दें और बताएं कि वह UGC-CARE में है या Scopus indexed. जिस journal पर आपको भरोसा नहीं है, उसे सूची में डालकर गिनती बढ़ाने से उल्टा नुकसान होता है - interview में यही पहला सवाल बन जाता है.
बिना अनुभव के

फ्रेशर लेक्चरर का रिज्यूमे

NET पास हो गया है लेकिन पढ़ाने का कोई अनुभव नहीं - यह सबसे आम स्थिति है और इसका सीधा जवाब है. सबसे ऊपर eligibility रखें: Master's का विषय और प्रतिशत, NET या SET का साल, PhD की स्थिति. इसके बाद वह सब लिखें जो पढ़ाने जैसा ही है - PhD या M.Phil के दौरान teaching assistantship, lab या practical में सहायता, junior batch के लिए tutorial, remedial class, या किसी कॉलेज में guest lecture, चाहे वह कुछ ही period के लिए रहा हो.

इसके बाद शोध और मंच का काम लिखें: Master's के dissertation का विषय और guide, conference और seminar में presentation, कोई paper जो प्रकाशित हुआ है या समीक्षा में है, NPTEL या SWAYAM के पूरे किए course, और workshop में भागीदारी. सबसे आखिर में एक बात जोड़ दें जो फ्रेशर अक्सर भूल जाते हैं - demo lecture की तैयारी. आपका चयन अक्सर एक demo lecture पर होता है, इसलिए रिज्यूमे में लिख दें कि आपके पास किस विषय पर तैयार demo lecture और PPT है.

  • Eligibility सबसे ऊपर - Master's का विषय और प्रतिशत, NET या SET का साल, PhD की स्थिति
  • Teaching assistantship, tutorial, remedial class या guest lecture को असली अनुभव की तरह लिखें
  • Dissertation का विषय और guide, और कोई paper जो प्रकाशित या समीक्षा में है
  • Conference और seminar में presentation - नाम, स्थान और साल के साथ
  • एक तैयार demo lecture और उसका विषय लिखें - चयन अक्सर इसी पर होता है

अपना लेक्चरर रिज्यूमे बनाने के लिए तैयार हैं?

AI builder आपके अनुभव को degree college, autonomous college या engineering institute - जो भी चाहिए - उसके हिसाब से ढाल देगा, eligibility, पढ़ाए गए paper, publication list और accreditation के काम के साथ.

गलतियां

सबसे आम गलतियां

Subject और specialisation पहले पन्ने पर न होना

विज्ञापन किसी एक paper या specialisation के लिए निकलता है. अगर पढ़ने वाले को आपका विषय दूसरे पन्ने पर ढूंढना पड़े, तो वह ढूंढता नहीं, अगली फाइल खोल लेता है. Subject और specialisation नाम के ठीक नीचे होने चाहिए.

NET या PhD की स्थिति धुंधली रखना

"शोध कार्य जारी" या "NET की तैयारी" जैसी लाइन से committee कोई नतीजा नहीं निकाल पाती और मामला संदेह में चला जाता है. साफ लिखें - NET 2019, PhD coursework पूरा, thesis 2026 में जमा. सच्ची और तारीख वाली स्थिति हमेशा अस्पष्ट दावे से भारी पड़ती है.

Publication list अधूरे हवाले के साथ

"5 paper प्रकाशित" लिखना किसी गिनती में नहीं आता. Journal का नाम, साल, volume, issue, page और ISSN न हो तो API का हिसाब नहीं बन सकता, और committee उस paper को गिन ही नहीं पाती. हर paper पूरे हवाले के साथ लिखें.

School और college teaching को एक में मिला देना

स्कूल में पढ़ाना अपने आप में अच्छा अनुभव है, लेकिन लेक्चरर पद के अनुभव में वह नहीं गिना जाता. दोनों को अलग हिस्से में रखें और college तथा university का अनुभव ऊपर रखें, वरना आपके असली UG और PG के साल कम दिखने लगते हैं.

परीक्षा और accreditation का काम छोड़ देना

Paper setting, मूल्यांकन, moderation, NAAC criteria, AQAR, NBA का CO-PO mapping और IQAC - यह वह काम है जो department में हर किसी से नहीं हो पाता. इसे न लिखने वाला candidate सिर्फ period लेने वाला लगता है, और यही अंतर अंतिम चयन में भारी पड़ता है.

गिनती बढ़ाने के लिए संदिग्ध journal डाल देना

जिस journal की साख पर सवाल है, उसका paper सूची में जोड़कर संख्या बढ़ाने से नुकसान होता है. Committee में विषय के जानकार बैठे होते हैं और यही पहला सवाल बनता है. UGC-CARE या peer reviewed journal के कम paper, संदिग्ध journal के ज्यादा paper से हमेशा बेहतर हैं.

निचोड़

निचोड़

याद रखें

  • प्रोफाइल = subject और specialisation + NET या SET का साल + PhD की स्थिति + UG तथा PG के साल
  • पढ़ाए गए paper नाम लेकर लिखें, साथ में period और छात्रों की संख्या
  • हर publication पूरे हवाले के साथ - journal, साल, volume, issue, page, ISSN
  • परीक्षा, NAAC, NBA, IQAC और FDP का काम अलग से दिखाएं
  • फ्रेशर हैं तो teaching assistantship, dissertation और तैयार demo lecture ऊपर रखें
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FAQ

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

यह इस बात पर टिकी है कि संस्थान सरकारी है, अनुदानित है या private, वेतनमान UGC के नियम से लागू है या संस्थान का अपना है, और आपकी नियुक्ति नियमित है, contractual है या guest. बढ़ाने वाली चीजें साफ हैं - NET के साथ PhD, अच्छे journal में publication, sanctioned research project, और CAS के तहत आगे की पदोन्नति. आज का सही आंकड़ा जानने के लिए अपने राज्य की मौजूदा भर्ती अधिसूचना और संस्थानों के मौजूदा job ads देखें.
हां, असिस्टेंट प्रोफेसर पद के लिए Master's की न्यूनतम योग्यता के साथ NET या राज्य का SET आमतौर पर प्रवेश की शर्त पूरी कर देता है, और PhD कई जगह वरीयता या वरिष्ठ पद की शर्त होती है. लेकिन शर्तें समय-समय पर बदलती हैं और संस्थान के प्रकार से भी अलग होती हैं, इसलिए जिस पद पर आवेदन कर रहे हैं उसकी अधिसूचना में योग्यता की लाइन खुद पढ़ें. रिज्यूमे में PhD की मौजूदा स्थिति तारीख के साथ साफ लिखें - यह खाली छोड़ने से बेहतर है.
श्रेणी के हिसाब से अलग-अलग हिस्से बनाएं - journal paper, book chapter, book, conference presentation, patent. हर प्रविष्टि में लेखक का क्रम, शीर्षक, journal या पुस्तक का नाम, साल, volume, issue, page और ISSN या ISBN लिखें, और साथ बताएं कि वह UGC-CARE सूची में है, Scopus indexed है या peer reviewed. अगर आप पहले लेखक नहीं हैं तो वह भी साफ दिखे - छिपाने से interview में बात बिगड़ती है.
Eligibility सबसे ऊपर - Master's का विषय और प्रतिशत, NET या SET का साल, PhD की स्थिति. उसके बाद PhD या M.Phil के दौरान की teaching assistantship, practical और lab में सहायता, tutorial या remedial class, और कोई guest lecture चाहे कुछ period का रहा हो. फिर dissertation का विषय और guide, conference presentation, प्रकाशित या समीक्षाधीन paper, और NPTEL या SWAYAM के पूरे किए course. अंत में लिख दें कि किस विषय पर तैयार demo lecture और PPT आपके पास है.
जोर बदलना पड़ता है. Engineering और management संस्थान AICTE के मानकों पर चलते हैं, वहां ME या M.Tech की degree, वरिष्ठ पद पर PhD, और industry का अनुभव ऊपर रखना चाहिए. साथ में NBA का काम - course outcome और programme outcome का mapping, attainment की गणना, lab development, और छात्रों के project तथा internship का मार्गदर्शन - अलग bullet में दिखाएं. Degree college के आवेदन में NAAC, AQAR और university की परीक्षा से जुड़ा काम ऊपर रखें.
जरूर लिखें, और designation के साथ साफ लिखें. Guest lecturer और contractual असिस्टेंट प्रोफेसर का अनुभव असली teaching अनुभव है और अनुभव के साल इसी से बनते हैं. छिपाने या designation धुंधला रखने पर verification और experience certificate के समय दिक्कत आती है, जबकि साफ लिखने पर आपके पढ़ाए paper और semester गिने जाते हैं. हर नियुक्ति की तारीख और संस्थान अलग-अलग लिखें.
हां, हिंदी तथा भाषा विभाग और कई राज्य संस्थानों में हिंदी रिज्यूमे बिल्कुल चलता है. लेकिन UGC NET, SET, PhD, UGC-CARE, Scopus, ISSN, FDP, NAAC, NBA, IQAC, AQAR, CO-PO mapping जैसे शब्द English में ही रहने दें, क्योंकि छांटने वाला उन्हीं को ढूंढता है. किसी university department या अंतरराष्ट्रीय आवेदन के लिए English में एक copy जरूर तैयार रखें.
इस पेशे में दो पन्ने की सीमा नहीं चलती, क्योंकि publication, conference, FDP और परीक्षा का काम सब दिखाना होता है. ढंग यह है - पहला पन्ना eligibility, प्रोफाइल और teaching अनुभव का, और उसके बाद शोध तथा संस्थान के काम के अलग हिस्से. जो भी लिखें वह गिनने और जांचने लायक हो, भरने के लिए एक भी लाइन न जोड़ें.
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